Saturday, October 12, 2019

What is E-cigarette? - आप नहीं पीते तब भी खतरनाक है ई-सिगरेट

आप नहीं पीते तब भी खतरनाक है ई-सिगरेट 

What is E-cigarette?

E-cigarette
ई-सिगरेट



ई-सिगरेट के बारे में तो आप सभी जानते होंगे अगर नहीं तो बता दे की यह एक प्रकार का यंत्र है यानि इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जिसको बना गया था परन्तु हॉल ही में रिसर्च द्वारा पता लगाया है की इसमें भी निकोटिन की अधिक मात्रा ने नुकसान को बढ़ाने के आलावा कुछ नहीं किया। बल्कि भारतीय अयुर्वेदिक विज्ञान अनुसन्धान परिषद् ICMR के अनुसार इसकी पैसिव स्मोकिंग भी बेहद खतरनाक है। इसकी चपेट में आई गर्भवती महिलाओ के गर्भस्थ बच्चो का दिमागी विकाश तक रुक सकता है। जहा इसकी वाष्प की 

Second hand Smoking से सिगरेट न पीने वालो के लिए भी खतरा साबित 











हो रहा है। 

झूठ भी खूब फैलाया 

E-cigarette
ई-सिगरेट
ई-सिगरेट बेचने के लिए कम्पनियो ने झूठ फैलाया कि यह सिगरेट छुड़वाने का माध्यम है। अनुसन्धान परिषद् ICMR के अनुसार वैज्ञानिक रूप से यह कभी साबित नहीं हुआ बल्कि निकोटिन का उपयोग ज्यादा हो गया। भारतीय चिकित्सा परिषद् ई सिगरेट को तम्बाकू के तलब बढ़ाने का छिपा माध्यम करार दे चुके है। अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और UK में हुए अध्ययन के अनुसार ई सिगरट पीने वाले 70% लोग निकोटिन की तलब की वजह से इसका उपयोग कर रहे है। 
     ई सिगरेट से की होने वाली वैपिंग (कस) के कारण अमेरिका में हाल ही में 100 से अधिक युवा बीमारी के प्रकोप में आए थे, इनमे से सात लोगो की मौत हो गई थी। भारत में अभी तक ई-सिगरेट के चलन को लेकर बड़े अध्ययन नहीं किए गए। लेकिन माना जा रहा है कि सिगरेट के मुकाबले इनका इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ा है। एक आकड़े के तहत, ई-सिगरेट का कारोबार भारत में 8 सौ करोड़ का हो चुका है। अमेरिका में ई-सिगरेट से भारी नुकसान की रिपोटों के बाद ट्रंप प्रशासन ने ई-सिगरेट पर रोक लगाने की प्रक्रिया चालू की है। 

सबसे पहले WHO ने चेताया 

E-cigarette
ई-सिगरेट

ई-सिगरेट को लेकर पहली चेतावनी WHO की तरफ से आई। अगस्त, 2014 में WHO ने नाबालिगों को ई-सिगरेट की बिक्री बंद किये जाने की हिदायत जारी की। WHO का दावा था, इस बात के पर्याप्त सबूत है कि इससे बच्चो, गर्भवती महिलओं और प्रजनन योग्यता वाली महिलाओ को भारी खतरा हो सकता है। इसका इनडोर प्रयोग भी बंद करने की सलाह दी। Japan के स्वास्थ्य मंत्रालय की रिसर्च में कहा गया, इसके भाप में Formaldehyde व  Acetaldehyde जैसे कैंसरकारक तत्व पाए गए। भवन निर्माण में इस्तेमाल होने वाले Formaldehyde की मात्रा तो ई-सिगरेट से सामान्य सिगरेट की तुलना में 10 गुना तक ज्यादा पाई गई।  

भारत में बिगड़े हालत 

E-cigarette

वैश्विक वयस्क तम्बाकू सर्वे के मुताबिक 2011-17 के बीच भारत ने तंबाकू सेवन करने वालो की संख्या 6 % काम कर दी। लेकिन ई-सिगरेट के जरिये लोग और विशेष रूप से युवा बड़ी संख्या में निकोटिन के आदी हो चुके हैं। वही अमेरिका के हाईस्कूलों में 21% छात्र-छात्राएं ई-सिगरेट पी रहे है, 2011 में यह संख्या 11%थी। सिगरेट पीने वालों की संख्या 16 % से घटकर 8 % रह गई है। यानी सिगरेट छुड़ाने के प्रयासों पर ई-सिगरेट ने पानी फेर दिया। 

खतरा क्यों है ?

flavour of E-Cigrate

ICMR के श्वेत पत्र के अनुसार निकोटिन व ई-सिगरेट के फ्लेवर सेहत के लिए खतरा है। खुद उपयोगकर्ता को भी पता चलता की जिन  केमिकल की भाप वह पी रहा है, उसका उसे क्या नुकसान हो रहा है। द्रव में Acetaldehyde,Formaldehyde और एसीटोन जैसे  कैंसरकारी तत्व मौजूद होते हैं। इनसे हृदय, फेफड़ों और दिमाग को नुकसान होता है। इसकी गंध से डीएनए डैमेज होता है, कोशिकाएं मरती हैं। 

पहली बार पकडने पर एक साल की सजा 

स्वास्थ्य सचिव प्रीति सूदन ने बताया की पहली बार अपराध पर एक साल की कैद या एक लाख रूपये जुर्माना या दोनों का प्रावधान किया है। दोबारा पकडे जाने पर तीन साल की सजा और पांच लाख का ज़ुर्माना या दोनों  सकता है। भंडारण पर छह महीने कैद या 50 हजार रूपये का ज़ुर्माना या दोनों। सभी प्रावधान ई-हुक्का पर भी लागू होंगे। 

... जानिए कैसा है ये नशा 

ई-सिगरेट बैटरी से चलने वाला उपकरण है, जो निकोटिन वाले घोल को गर्म कर एयरोसोल बनता  है। 
इसके चलते जब कश लगाते है, तो हीटिंग डिवाइस इसे  भाप में बदल देती है। इसलिए इसे स्मोकिंग नहीं, वेपिंग कहते है। इसका छाती व मस्तिष्क पर बुरा असर पड़ता है। अमेरिका में पिछले सप्ताह ही ई-सिगरेट से 7  लोगो की मौते हुई है। 

पीढ़ी दर पीढ़ी... खुद को अपडेट करते रहे 


स्मार्टफोन  या इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस की तरह ई-सिगरेट बना रही कंपनीया इसके नए मॉडल और तकनीक लॉन्च करती रही है। पहली जनरेशन की ई-सिगरेट सिगरेट जैसी दिखती थी, फिर टैंक सिस्टम का बनाया गया, अब पर्सनल वेपराइज़र के नाम पर तीसरी पीढ़ी की ई-सिगरेटबाजार में है। इन्हे 7700 किस्म के फ्लेवर में बेचा जा रहा है। अगर इसी तरह यह ई-सिगरेट बिकता रहा तो देश के युवाओ का भविष्य खतरे में पड़ जायेगा। इसलिए मेरा मानना है की जल्द से जल्द ई-सिगरेट पर रोक लगा दिया जाये। 
आपका क्या राय है हमें कमेन्ट में जरूर बताए आपके विचार का हमें बेसब्री से इंतजार रहेगा ?










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